भारतीय संस्कृति और हिन्दू धर्म में गणेश जी का बहुत महत्व है। गणेश जी को विघ्नहर्ता और विध्ननाशक के रूप में में भी जाना जाता है , और गणेश जी की पूजा का काफी महत्वपूर्ण भाग है गणेश जी की आरती (Ganesh Ji Ki Aarti )। यह आरती गणपति बाप्पा की पूजा में में विशेष महत्व रखती है और उनकी पूजा में गाई जाती है ।
चाहे कोई भी पूजा हो या किसी भी शुभ काम की शुरुवात ,हम सबसे पहले भगवन गणेश का ही धयान करते है ,भारत के है हिस्से खासकर महाराष्ट्र में गणेश चुतर्थी को उत्सव के रूप में काफी धूम धाम से मनाया जाता है ।
इस ब्लॉग में हम आपके लिए लाये है गणेश जी की आरती ।
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Ganesh Ji Ki Aarti in Hindi
जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
एक दंत दयावंत,चार भुजा धारी ।
माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥
जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
पान चढ़े फल चढ़े,और चढ़े मेवा ।
लड्डुअन का भोग लगे,संत करें सेवा ॥
जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा ॥
अंधन को आंख देत,कोढ़िन को काया ।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
‘सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥
दीनन की लाज रखो,शंभु सुतकारी ।
कामना को पूर्ण करो,जाऊं बलिहारी ॥
जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती,पिता महादेवा ॥
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